पशुपालन, खेती और मंडी भाव की काम की जानकारी — आसान हिंदी में।
असली मुर्रा भैंस की पहचान: जलेबी जैसे सींग, काला शरीर, दूध क्षमता 12-20 लीटर। मुर्रा की कीमत, खुराक और खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें।
गाभिन (गर्भवती) भैंस की खुराक, रहन-सहन और ब्याने से पहले की तैयारी — आखिरी 2 महीने की खास देखभाल से स्वस्थ बच्चा और ज्यादा दूध।
बिना दलाल-कमीशन के गाय, भैंस, बकरी ऑनलाइन बेचने का तरीका — अच्छी फोटो-वीडियो, सही कीमत और Gaon Deal ऐप पर free लिस्टिंग बनाने की पूरी गाइड।
भैंस का दूध बढ़ाने के देसी और वैज्ञानिक तरीके — सही खुराक, हरा चारा, मिनरल मिक्चर, दुहने का सही तरीका और तनाव कम करने के उपाय।
आज का गेहूं मंडी भाव देखने का सही तरीका — Agmarknet सरकारी डेटा, MSP और मंडी रेट का फर्क, और अपनी फसल सही दाम पर बेचने के टिप्स।
पशु खरीदते समय 'ब्यात' सबसे जरूरी जानकारी है — ब्यात का मतलब, किस ब्यात की भैंस-गाय सबसे ज्यादा दूध देती है, और ब्यात की पहचान कैसे करें।
गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने की आसान विधि — बेड बनाना, केंचुए डालना, नमी और 45-60 दिन में खाद तैयार। लागत, सावधानियां और ₹8-12 प्रति किलो कमाई की जानकारी।
कमजोर गाय-भैंस को स्वस्थ और तगड़ा बनाने के उपाय — कृमिनाशक दवा, संतुलित दाना, हरा चारा, मिनरल मिक्चर और देखभाल का पूरा तरीका।
HF गाय की कीमत, रोज़ का चारा-दाना खर्च, दूध से कमाई और मुनाफे का पूरा हिसाब — एक डेयरी किसान के लिए HF गाय कितनी फायदेमंद है, पूरी गणित यहां समझें।
गाय-भैंस को रोज़ कितना हरा चारा, सूखा चारा, दाना और पानी देना चाहिए — दूध के हिसाब से दाने की सही मात्रा और खिलाने का सही तरीका।
डेयरी पर दूध का भाव फैट और SNF से तय होता है — फैट क्या है, SNF क्या है, और खुराक व दुहने के तरीके से दोनों बढ़ाने के आज़माए हुए उपाय।
भैंस का दूध बढ़ाने के आज़माए हुए घरेलू देसी नुस्खे — गुड़-मेथी, भीगा बिनौला, सरसों तेल की लोई, अजवाइन का पानी और मालिश। बिना दवा, घर की चीजों से।
गेहूं की खेती की पूरी जानकारी — बुवाई का सही समय, टॉप किस्में, बीज दर, सिंचाई (CRI अवस्था), खाद और ज्यादा पैदावार के उपाय। प्रति एकड़ 20-25 क्विंटल कैसे लें।
सरसों की खेती की पूरी जानकारी — बुवाई का सही समय (सितंबर-अक्टूबर), टॉप किस्में, 2 सिंचाई का सही समय, पाला और सफेद रतुआ से बचाव, पैदावार बढ़ाने के उपाय।
चने की खेती की पूरी जानकारी — बुवाई का समय, देसी और काबुली किस्में, कम सिंचाई का फायदा, फली छेदक इल्ली का नियंत्रण और खुटाई (nipping) से ज्यादा पैदावार।
जौ की खेती की जानकारी — कम पानी और हल्की जमीन में भी अच्छी पैदावार, बुवाई का समय, किस्में, 2-3 सिंचाई, और बीयर/माल्ट कंपनियों की बढ़ती मांग।
बाजरे की खेती की जानकारी — खरीफ में बुवाई का समय, संकर किस्में, रेतीली जमीन में भी पैदावार, और दाने के साथ कड़बी (चारे) की दोहरी कमाई।
मूंग की खेती की जानकारी — गर्मी (जायद) और खरीफ दोनों में बुवाई, 60-70 दिन की जल्दी फसल, कम लागत, और खेत की उर्वरता बढ़ाने का दोहरा फायदा।
पशु और फसल खरीदें-बेचें — सीधे किसानों से