जौ की खेती: कम पानी में गेहूं से अच्छा विकल्प — पूरी जानकारी

Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-08-20

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कम पानी वाले इलाकों के लिए जौ रबी की सबसे समझदार फसल है — जहां गेहूं को 4-6 पानी चाहिए, वहीं जौ 2-3 पानी में पक जाता है और हल्की जमीन भी चल जाती है।

बुवाई

  • समय: 1-30 नवंबर।
  • बीज दर: 35-40 किलो प्रति एकड़।
  • किस्में: RD 2786, RD 2899, BH 393; माल्ट के लिए DWRB 101, RD 2849।

खाद और सिंचाई

  • DAP 25-30 किलो + यूरिया 35-40 किलो प्रति एकड़ (यूरिया पहली सिंचाई पर)।
  • सिंचाई 2-3: पहली 25-30 दिन पर, फिर बाली निकलने और दाना भरने पर।
  • ज्यादा यूरिया न दें — फसल गिरने (lodging) का खतरा।

फायदे की बातें

  • पैदावार: 12-16 क्विंटल प्रति एकड़ — कम लागत में।
  • माल्ट किस्मों का कंपनियों से अनुबंध (contract) मिल जाए तो भाव पक्का।
  • जौ का भूसा पशुओं के लिए अच्छा चारा है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जौ या गेहूं — कम पानी में क्या बोएं?

अगर पानी सिर्फ 2-3 सिंचाई का है तो जौ बेहतर है — जौ 2-3 सिंचाई में 12-16 क्विंटल प्रति एकड़ दे देता है, जबकि गेहूं को 4-6 सिंचाई चाहिए। हल्की/रेतीली जमीन में भी जौ अच्छा होता है।

जौ की मांग कहां है?

माल्ट/बीयर कंपनियां (दो-धारी माल्ट किस्में), पशु आहार और दलिया-सत्तू के लिए जौ की अच्छी मांग रहती है। माल्ट क्वालिटी जौ का भाव सामान्य से ऊंचा मिलता है।

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