बाजरे की खेती: कम पानी में दाना और चारा दोनों — पूरी जानकारी
Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-08-20
बाजरा राजस्थान की पहचान है — जहां और कुछ नहीं होता, वहां भी बाजरा हो जाता है। दाना घर के लिए, कड़बी पशुओं के लिए और दोनों बाजार में भी बिकते हैं।
बुवाई
- समय: पहली अच्छी बारिश पर — 25 जून से 20 जुलाई।
- बीज दर: 1.5-2 किलो प्रति एकड़ (संकर बीज)।
- किस्में: HHB 67 (जल्दी पकने वाली, 65 दिन), RHB 177, MPMH 17, पायनियर/धान्या के संकर।
- कतार से कतार 45 सेमी — निराई-गुड़ाई आसान रहती है।
देखभाल
- खाद: DAP 20-25 किलो बुवाई पर + यूरिया 25-30 किलो निराई के बाद।
- 2 निराई-गुड़ाई (20 और 35 दिन पर) — बाजरे में खरपतवार सबसे बड़ा नुकसान करता है।
- बारिश लंबी रुके तो एक सिंचाई बाली निकलते समय — पैदावार बच जाती है।
- पक्षियों से बचाव — दाना भरते समय खेत की रखवाली जरूरी।
दोहरी कमाई
दाने के साथ बाजरे की कड़बी पशु चारे के रूप में अच्छे भाव बिकती है — पशुपालन वाले इलाकों में कई बार दाने जितनी कमाई कड़बी से हो जाती है। बाजरे का भूसा/कड़बी बेचने के लिए Gaon Deal पर भूसा लिस्टिंग बनाएं। दाना बेचने से पहले आज का बाजरा मंडी भाव देखें।