मूंग की खेती: 60-70 दिन में तैयार, कम लागत में अच्छा मुनाफा

Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-08-20

शेयर करें: WhatsApp Facebook

मूंग कम समय, कम लागत और अच्छे भाव वाली दलहनी फसल है — 60-70 दिन में तैयार, और ऊपर से खेत की उर्वरता भी बढ़ाती है। गेहूं के बाद खाली खेत में जायद की मूंग सबसे समझदार विकल्प है।

बुवाई

  • जायद (गर्मी): 10 मार्च - 10 अप्रैल (गेहूं कटते ही)।
  • खरीफ: जून-जुलाई पहली बारिश पर।
  • बीज दर: 6-8 किलो प्रति एकड़; बीज को राइजोबियम कल्चर से उपचारित करें।
  • किस्में: IPM 2-3, IPM 205-7 (विराट), MH 421, SML 668 — पीला मोजेक रोधी किस्में ही चुनें।

देखभाल

  • जायद में 3-4 हल्की सिंचाई (10-12 दिन के अंतर पर); फूल के समय पानी न रोकें।
  • खाद कम लगती है: DAP 20 किलो प्रति एकड़ बुवाई पर काफी।
  • पीला मोजेक सबसे बड़ा रोग — सफेद मक्खी से फैलता है; रोगी पौधे उखाड़ें, पीले चिपचिपे ट्रैप लगाएं।
  • फलियां 80% काली-भूरी होने पर तुड़ाई करें — 2 बार में तुड़ाई से नुकसान कम।

कमाई

पैदावार 4-6 क्विंटल प्रति एकड़ — दलहन होने से भाव हमेशा अच्छा रहता है और सिर्फ 2 महीने में पैसा हाथ में। बेचने से पहले आज का मूंग मंडी भाव देखें और Gaon Deal पर अनाज की लिस्टिंग बनाकर सीधे व्यापारियों से सौदा करें।

शेयर करें: WhatsApp Facebook

पशु और फसल खरीदें-बेचें — बिना बिचौलिए, बिना कमीशन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मूंग कितने दिन में तैयार होती है?

मूंग सिर्फ 60-70 दिन की फसल है — गेहूं काटने के बाद गर्मी (जायद) में मार्च-अप्रैल की बुवाई से जून तक फसल तैयार, फिर उसी खेत में खरीफ की फसल भी हो जाती है।

मूंग से खेत को क्या फायदा है?

मूंग दलहनी फसल है — इसकी जड़ों में राइजोबियम बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन जमा करते हैं। मूंग के बाद बोई फसल में 20-25% कम यूरिया लगता है। हरी पत्तियां मिट्टी में दबाने से हरी खाद भी।

ये गाइड भी पढ़ें