भैंस का दूध बढ़ाने के 10 असरदार उपाय
Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-08-20
भैंस की दूध क्षमता उसकी नस्ल पर निर्भर करती है, लेकिन सही खुराक और देखभाल से हर भैंस अपनी पूरी क्षमता तक दूध दे सकती है। ये 10 उपाय आज़माएं:
खुराक से जुड़े उपाय
- 1. हरा चारा बढ़ाएं: बरसीम, जई, मक्का का हरा चारा 20-25 किलो रोज़ — दूध का सबसे बड़ा स्रोत।
- 2. संतुलित दाना: हर 2.5 लीटर दूध पर 1 किलो दाना (बिनौला + खल + चोकर + दालों की चूरी)।
- 3. मिनरल मिक्चर: 50 ग्राम रोज़ — कैल्शियम-फास्फोरस की कमी दूध घटाती है।
- 4. भरपूर पानी: 1 लीटर दूध बनाने में 4-5 लीटर पानी लगता है। दिन में 3-4 बार साफ पानी पिलाएं।
- 5. बिनौला/सरसों खल: भिगोकर देने से दूध और फैट दोनों बढ़ते हैं।
देखभाल से जुड़े उपाय
- 6. दुहने का पक्का समय: रोज़ एक ही समय, सुबह-शाम 12 घंटे के अंतर से दुहें।
- 7. पूरा दूध निकालें: लेवा में दूध छोड़ने से धीरे-धीरे दूध बनना कम हो जाता है और थनैला का खतरा बढ़ता है।
- 8. गर्मी से बचाव: भैंस को गर्मी में दिन में 1-2 बार नहलाएं या पानी में बैठने दें — गर्मी का तनाव दूध घटाता है।
- 9. आराम और शांति: दुहते समय शोर-शराबा और मार-पीट बिल्कुल नहीं — तनाव में भैंस दूध रोक लेती है।
- 10. समय पर इलाज: थनैला (mastitis) के शुरुआती लक्षण — दूध में छिछड़े, थन गर्म — दिखते ही तुरंत इलाज कराएं।
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