प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है? प्रीमियम, क्लेम और आवेदन प्रक्रिया

Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-09-28

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मौसम की मार, कीट-रोग या प्राकृतिक आपदा से एक ही सीजन में किसान की पूरी मेहनत बर्बाद हो सकती है। इसी जोखिम से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की थी, ताकि कम प्रीमियम में किसानों को फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

PMFBY में प्रीमियम कितना लगता है

  • खरीफ फसलें: बीमा राशि का 2% प्रीमियम किसान को देना होता है।
  • रबी फसलें: बीमा राशि का 1.5% प्रीमियम।
  • वाणिज्यिक और बागवानी फसलें: बीमा राशि का 5% प्रीमियम।
  • बाकी बचा हुआ प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार आधा-आधा मिलाकर सब्सिडी के रूप में भरती हैं, इसलिए किसान पर बोझ बहुत कम रहता है।

योजना में क्या-क्या कवर होता है

  • बुवाई से पहले या बुवाई के समय होने वाला नुकसान।
  • खड़ी फसल को सूखा, बाढ़, कीट-रोग जैसी रोकी न जा सकने वाली वजहों से होने वाला नुकसान।
  • कटाई के बाद खेत में सूख रही फसल को ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से नुकसान (तय समय सीमा तक)।
  • ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना और जलभराव जैसी स्थानीय आपदाएं।

कौन आवेदन कर सकता है

  • अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी किसान — चाहे जमीन खुद की हो या बटाई/किराए की।
  • बैंक से फसली लोन (KCC) लेने वाले किसानों का बीमा आमतौर पर अपने-आप हो जाता है, जब तक वे इससे बाहर निकलने (opt-out) का विकल्प न चुनें।
  • बिना लोन वाले किसान भी स्वेच्छा से आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड।
  • जमीन के कागजात (खतौनी/जमाबंदी) या बटाईदार होने का प्रमाण।
  • बैंक पासबुक।
  • बुवाई प्रमाण पत्र (सरपंच/पटवारी से)।

आवेदन कैसे करें

  • राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल pmfby.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • नजदीकी बैंक शाखा, CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या बीमा कंपनी के एजेंट से भी आवेदन किया जा सकता है।
  • हर सीजन (खरीफ/रबी) के लिए आवेदन की एक तय अंतिम तारीख होती है — उसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं होता।

फसल खराब होने पर क्लेम कैसे लें

  • ओलावृष्टि, बाढ़ या जलभराव जैसी स्थानीय आपदा में नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर टोल-फ्री नंबर, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या संबंधित बैंक/बीमा कंपनी को सूचना दें।
  • बड़े स्तर की आपदा (सूखा, व्यापक बाढ़) में क्लेम की गणना सरकार द्वारा कराए गए क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) के आंकड़ों के आधार पर होती है, अलग से सूचना देने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • मंजूर क्लेम की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT से आती है।

अधिसूचित फसलें, प्रीमियम सब्सिडी और आवेदन की अंतिम तारीख राज्य और सीजन के हिसाब से बदलती रहती है — आवेदन से पहले pmfby.gov.in या अपने जिला कृषि कार्यालय से मौजूदा जानकारी जरूर कंफर्म करें।

फसल के साथ खेत को भी सुरक्षित रखें

बीमा नुकसान की भरपाई करता है, लेकिन आवारा पशुओं से फसल को पहले ही बचाना बेहतर है — खेत तारबंदी सब्सिडी योजना यहां पढ़ें। सिंचाई के लिए लोन चाहिए हो तो किसान क्रेडिट कार्ड गाइड यहां पढ़ें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?›

PMFBY केंद्र सरकार की एक बीमा योजना है, जो प्राकृतिक आपदा, कीट-रोग या मौसम की मार से फसल खराब होने पर किसान को आर्थिक सुरक्षा देती है। यह 2016 में शुरू की गई थी और आज देश की सबसे बड़ी फसल बीमा योजनाओं में से एक है।

PMFBY में किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?›

किसान को खरीफ फसलों पर बीमा राशि का 2%, रबी फसलों पर 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों पर 5% प्रीमियम देना होता है। बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सब्सिडी के रूप में भरती हैं।

फसल खराब होने पर क्लेम कैसे मिलता है?›

ओलावृष्टि, बाढ़ या जलभराव जैसी स्थानीय आपदा में फसल खराब होने पर 72 घंटे के अंदर टोल-फ्री नंबर, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या बैंक/बीमा कंपनी को सूचना देनी होती है। बड़े स्तर की आपदा में क्लेम की गणना क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) के आधार पर होती है।

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