किसान क्रेडिट कार्ड क्या है? और कैसे अप्लाई करें?

Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-09-11

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किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card, KCC) भारत सरकार की एक योजना है, जो किसानों को खेती-किसानी और उससे जुड़े कामों के लिए समय पर और आसान दर पर लोन उपलब्ध कराती है। इसे 1998 में NABARD और RBI की सिफारिश पर शुरू किया गया था, ताकि किसानों को साहूकारों के ऊंचे ब्याज से बचाकर बैंक से सीधे किफायती कर्ज मिल सके। आज देशभर के सरकारी, निजी और सहकारी बैंकों में KCC बनवाया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे

  • खेती के लिए लोन: बीज, खाद, दवाई और अन्य खेती खर्चों के लिए फसली सीजन के हिसाब से लोन मिलता है।
  • कम ब्याज दर: सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के तहत ₹3 लाख तक के लोन पर ब्याज दर काफी कम रहती है, समय पर चुकाने पर और छूट मिलती है।
  • सिर्फ फसल के लिए नहीं: पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन जैसे कामों के लिए भी KCC से लोन लिया जा सकता है।
  • फसल कटाई के बाद के खर्च भी कवर: कटाई के बाद भंडारण और फसल बेचने तक के खर्च के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है।
  • दुर्घटना बीमा कवर: KCC धारकों को दुर्घटना बीमा कवर भी मिलता है — सही राशि और शर्तें अपने बैंक से जरूर पूछें।
  • 5 साल तक वैध: कार्ड आमतौर पर 5 साल के लिए बनता है, हर साल बैंक इसकी समीक्षा करके लिमिट बढ़ा भी सकता है।

KCC के लिए पात्रता

  • खुद की जमीन पर खेती करने वाले किसान।
  • बटाईदार और किरायेदार किसान (जमीन के मालिक न होते हुए भी)।
  • मौखिक पट्टे पर खेती करने वाले किसान।
  • किसानों के स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG)।
  • पशुपालन, डेयरी या मत्स्य पालन करने वाले किसान।

जरूरी दस्तावेज

  • पहचान पत्र — आधार कार्ड, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस।
  • पता प्रमाण — आधार कार्ड या राशन कार्ड।
  • जमीन के कागजात — खतौनी/जमाबंदी या खेती के मालिकाना/किरायेदारी का प्रमाण।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • बैंक खाता (जिसमें लोन की राशि आएगी)।

KCC के लिए अप्लाई कैसे करें

  • अपने नजदीकी बैंक शाखा (सरकारी बैंक, ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक) में जाकर KCC का फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • अगर आप पहले से PM-KISAN योजना के लाभार्थी हैं, तो कई बैंकों में एक सरल फॉर्म भरकर तेजी से KCC बन जाता है, क्योंकि आपकी जमीन और पहचान की जानकारी पहले से सरकार के पास होती है।
  • कुछ बैंक अपनी वेबसाइट या नेट बैंकिंग ऐप के जरिए भी ऑनलाइन अप्लाई करने की सुविधा देते हैं — अपने बैंक से इसकी जानकारी लें।
  • बैंक आपकी जमीन और दस्तावेजों की जांच के बाद लोन की राशि तय करके कार्ड जारी करता है।

ब्याज दर, लोन लिमिट और बीमा कवर जैसी शर्तें सरकार समय-समय पर अपडेट करती है, इसलिए अप्लाई करने से पहले अपनी नजदीकी बैंक शाखा या आधिकारिक KCC पोर्टल से मौजूदा नियम जरूर कंफर्म कर लें।

लोन मिलने के बाद क्या करें

KCC से मिला पैसा बीज, खाद, कृषि मशीनें या पशु खरीदने में भी इस्तेमाल हो सकता है। Gaon Deal पर कृषि मशीनों की ताज़ा लिस्टिंग और पशुओं की लिस्टिंग सीधे किसानों से देखें — बिना बिचौलिए, बिना कमीशन।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) क्या है?

KCC भारत सरकार की एक योजना है जो किसानों को खेती और उससे जुड़े कामों (जैसे बीज, खाद, पशुपालन, मत्स्य पालन) के लिए बैंक से आसान और सस्ती दर पर लोन देती है। यह 1998 में शुरू की गई थी और आज देशभर के बैंकों में उपलब्ध है।

KCC के लिए कौन अप्लाई कर सकता है?

अपनी जमीन के मालिक किसान, बटाईदार, किरायेदार किसान, मौखिक पट्टेदार, और किसानों के स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG) भी KCC के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

KCC पर ब्याज दर कितनी है?

सरकार ₹3 लाख तक के KCC लोन पर ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर काफी कम हो जाती है, और समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट भी मिलती है। सटीक और मौजूदा दर अपनी बैंक शाखा से जरूर कंफर्म करें, क्योंकि सरकार समय-समय पर इसमें बदलाव करती है।

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