पशुपालन के लिए लोन कैसे लें? नाबार्ड डेयरी सब्सिडी योजना की पूरी जानकारी

Gaon Deal टीम · अपडेट: 2026-09-11

शेयर करें: WhatsApp Facebook

डेयरी, बकरी-भेड़ पालन या मुर्गी पालन शुरू करने या बढ़ाने के लिए पशु खरीदने, शेड बनाने और उपकरण लगाने में एक साथ काफी पैसा लगता है। इसीलिए सरकार और बैंक किसानों को पशुपालन के लिए कई तरह के लोन और सब्सिडी की सुविधा देते हैं। इस गाइड में जानें पशुपालन लोन के मुख्य विकल्प और नाबार्ड (NABARD) की डेयरी सब्सिडी योजना असल में कैसे काम करती है।

पशुपालन के लिए लोन के मुख्य विकल्प

  • KCC – पशुपालन एवं मत्स्य पालन: किसान क्रेडिट कार्ड की तरह ही, डेयरी, मुर्गी और मछली पालन के लिए अलग से वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है, कम ब्याज सब्सिडी के साथ। पूरी जानकारी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड गाइड यहां पढ़ें
  • MUDRA लोन: शिशु, किशोर और तरुण श्रेणी में बिना गारंटी के ₹10 लाख तक का लोन छोटे डेयरी या पशुपालन व्यवसाय के लिए मिल सकता है।
  • बैंक टर्म लोन (NABARD समर्थित): डेयरी यूनिट शुरू करने, शेड बनाने, दुधारू पशु खरीदने या उपकरण लगाने के लिए बैंक से टर्म लोन — इन पर NABARD बैंकों को रिफाइनेंस और सब्सिडी सहायता देता है।

नाबार्ड डेयरी सब्सिडी योजना क्या है?

एक जरूरी बात समझ लें — NABARD (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) खुद सीधे किसानों को लोन नहीं देता। यह एक शीर्ष (apex) संस्था है जो बैंकों को डेयरी और पशुपालन से जुड़े लोन के लिए पैसा (रिफाइनेंस) और पूंजी सब्सिडी की सुविधा देती है। किसान को लोन हमेशा अपने नजदीकी बैंक — कमर्शियल बैंक, ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक — से ही मिलता है, और वह बैंक NABARD की योजना के तहत उस लोन पर सब्सिडी क्लेम करता है।

सब्सिडी किन कामों के लिए मिलती है

  • छोटी डेयरी यूनिट शुरू करना (कुछ दुधारू पशु खरीदना)।
  • दूध निकालने की मशीन और अन्य डेयरी उपकरण खरीदना।
  • चारा काटने की मशीन और दूध ठंडा रखने (कोल्ड स्टोरेज) की सुविधा।
  • डेयरी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग से जुड़े उपकरण।

सब्सिडी कितनी मिलती है

सामान्य वर्ग के किसानों को आमतौर पर प्रोजेक्ट लागत का एक तय हिस्सा, और अनुसूचित जाति/जनजाति व महिला किसानों को इससे ज्यादा सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी आमतौर पर “बैक-एंडेड” होती है — यानी लोन शुरू में पूरा मिलता है, और तय समय तक नियमित किस्त चुकाने के बाद सब्सिडी की राशि आपके लोन खाते में एडजस्ट कर दी जाती है। सटीक सब्सिडी प्रतिशत, अधिकतम सीमा और शर्तें समय-समय पर सरकार बदलती रहती है — इसलिए अप्लाई करने से पहले अपने बैंक या NABARD के जिला कार्यालय से मौजूदा नियम जरूर जान लें।

जरूरी दस्तावेज

  • पहचान पत्र — आधार कार्ड या वोटर ID।
  • पता प्रमाण।
  • जमीन या शेड के कागजात, या किराए/उपयोग का प्रमाण।
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट — कितने पशु, कितनी लागत, किस काम के लिए लोन चाहिए।
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST सब्सिडी का लाभ लेने के लिए)।
  • बैंक खाता और पासपोर्ट साइज फोटो।

अप्लाई कैसे करें

  • अपनी डेयरी या पशुपालन यूनिट की योजना और लागत का अनुमान (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करें — कितने पशु खरीदने हैं, शेड और उपकरण की क्या जरूरत है।
  • अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर लोन के लिए अप्लाई करें और प्रोजेक्ट रिपोर्ट व दस्तावेज जमा करें।
  • बैंक आवेदन की जांच कर लोन सैंक्शन करता है, और पात्र होने पर NABARD की योजना के तहत सब्सिडी के लिए क्लेम करता है।
  • ज्यादा मार्गदर्शन के लिए अपने जिले के NABARD कार्यालय या पशुपालन विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।

लोन मिलने के बाद: सही पशु चुनें

लोन मिलने के बाद सबसे जरूरी कदम है अच्छी नस्ल का दुधारू पशु खरीदना — असली नस्ल की पहचान के लिए मुर्रा भैंस की पहचान कैसे करें, यह गाइड पढ़ें, और Gaon Deal पर अपने आस-पास के पशुओं की ताज़ा लिस्टिंग यहां देखें — सीधे किसानों से, बिना बिचौलिए और बिना कमीशन।

शेयर करें: WhatsApp Facebook

पशु और फसल खरीदें-बेचें — बिना बिचौलिए, बिना कमीशन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पशुपालन के लिए लोन कहां से मिलता है?

पशुपालन के लिए लोन बैंकों से मिलता है — KCC (पशुपालन एवं मत्स्य पालन के लिए), MUDRA लोन, या NABARD-समर्थित डेयरी लोन के जरिए। अपने नजदीकी कमर्शियल, ग्रामीण या सहकारी बैंक की शाखा में जाकर अप्लाई करें।

क्या NABARD सीधे किसानों को लोन देता है?

नहीं। NABARD किसानों को सीधे लोन नहीं देता — यह बैंकों को रिफाइनेंस और सब्सिडी सहायता देता है, ताकि बैंक किसानों को आसान शर्तों पर डेयरी और पशुपालन लोन दे सकें। किसान को लोन हमेशा अपने बैंक से ही मिलता है।

डेयरी सब्सिडी कितनी मिलती है?

सामान्य वर्ग के किसानों को प्रोजेक्ट लागत का एक हिस्सा और अनुसूचित जाति/जनजाति व महिला किसानों को आमतौर पर ज्यादा सब्सिडी मिलती है। यह बैक-एंडेड होती है यानी नियमित किस्त चुकाने के बाद एडजस्ट होती है। सटीक और मौजूदा दर अपने बैंक या NABARD के जिला कार्यालय से जरूर कंफर्म करें, क्योंकि यह समय-समय पर बदलती रहती है।

ये गाइड भी पढ़ें